ग्यारह मुखी रुद्राक्ष क्या है, जानिए क्या है इसके नियम और फायदे

ग्यारह मुखी रुद्राक्ष भगवान शंकर के आंसू से रुद्राक्ष उत्पन्न हुआ है उन्हीं भगवान शिव के ग्यारह रुद्रों का प्रतीक है ग्यारह मुखी रुद्राक्ष | इसके धारक को भगवान शंकर की कृपा पाने के लिए सबसे उत्तम रुद्राक्ष माना गया है |

ग्यारह मुखी रुद्राक्ष क्या है, जानिए क्या है इसके नियम और फायदे

ग्यारह मुखी रुद्राक्ष क्या है

ग्यारह मुखी रुद्राक्ष भगवान शंकर के आंसू से रुद्राक्ष उत्पन्न हुआ है उन्हीं भगवान शिव के ग्यारह रुद्रों का प्रतीक है ग्यारह मुखी रुद्राक्ष | इसके धारक को भगवान शंकर की कृपा पाने के लिए सबसे उत्तम रुद्राक्ष माना गया है | हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए धारण किया जाता है, ग्यारह मुखी रुद्राक्ष। भगवान शिव का रुद्र रूप है ग्‍यारह मुखी रुद्राक्ष। ग्‍यारह मुखी रुद्राक्ष को शिखा में बांधना या गले में धारण करना चाहिए। ग्यारह मुखी रुद्राक्ष से जातक का भाग्योदय होता है। मान-सम्मान में वृद्धि होती है

 

ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण करने के नियम

  • ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण करनेवाला व्यक्ति सदाचार का पालन करनेवाला तथा उसकी भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था होनी चाहिए।
  • मांस-मदीरा या अन्य नशे की वस्तुओं से दूर रहना चाहिए।
  • रविवार, सोमवार अथवा शिवरात्रि के दिन रुद्राक्ष को धारण करना शुभ होता है।
  • ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण करने से पूर्व गंगाजल या कच्चे दूध से शुद्ध करें।
  • ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को जागृत करने के लिए“ॐ ह्रीं हूँ नमः” मंत्र का उच्‍चारण 108 बार करें।

 

ग्यारह मुखी रुद्राक्ष के लाभ व् फायदे

ग्यारह मुखी रुद्राक्ष के प्रभाव से आय के स्रोत खुलते है और व्यापार, कारोबार में वृद्धि होती है। व्यापारियों के लिए ग्यारहमुखी रुद्राक्ष अति उत्तम फल प्रदान करने वाला माना गया है।

  1. सेहत से सम्बंधित दिक्कते कम होती है। यदि दाम्पत्य जीवन में जीवनसाथी के साथ किसी प्रकार की शारीरिक समस्या उत्पन्न हो रही है तो उससे मुक्ति मिलती है।
  2. अगर किसी जातक की कुंडली में मंगल अशुभ घर में है या मंगल ग्रह की दशा या अन्तर्दशा चल रही है तो ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को पहनना उचित होता है।
  3. ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण करने से जातक चिंतामुक्त और साहसी, निडर हो जाता है। शत्रु भय से मुक्त हो जाता है।
  4. ग्यारह मुखी रुद्राक्ष व्यक्ति के जीवन को प्रकाशमय करने में अहम भूमिका निभाता है।
  5. धन-संपत्ति, भाग्योदय के लिए ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को अवश्य धारण करना चाहिए।  
  6. ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को धारण करने वाले व्यक्ति को राजनीति, कूटनीति और हर क्षेत्र में विजय हासिल होती है

ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को धारण करने का मंत्र

इस रुद्राक्ष को धारण करने का मंत्र “ॐ ह्रीं हूं नमः” है | इसको धारण करने के पश्चात नित्य प्रति पांच माला “ॐ नमः शिवाय” या तीन माला ऊपर लिखे हुए मंत्र की या एक माला मृत्युंजय मंत्र की जाप करनी चाहिए ताकि भगवान शिव के ग्यारह रुद्रों सहित मर्यादा पुरषोत्तम प्रभु श्री राम जी के अनन्य भक्त श्री हनुमान जी की भी कृपा प्राप्त की जा सके | पांच मुखी रुद्राक्ष की माला में ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को सुमेरु के रूप में लगाकर धारण करना अति उत्तम कहा गया है |

 

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