Basant Panchami 2020: Date, Time and Puja Vidhi for Saraswati Puja

Basant Panchami 2020: बसंत पंचमी पर्व का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस ख़ास दिन विद्या की देवी माँ सरस्वती जी की पूजा और आराधना की जाती है। बसंत पंचमी प्रत्येक वर्ष हिंदू पंचांग के अनुसार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाई जाती है। बसंत पंचमी पर्व का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस ख़ास दिन विद्या की देवी माँ सरस्वती जी की पूजा और आराधना की जाती है। बसंत पंचमी प्रत्येक वर्ष हिंदू पंचांग के अनुसार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाई जाती है। इस वर्ष बसंत पंचमी दो दिन मनाई जाएगी।

Basant Panchami 2020: Date, Time and Puja Vidhi for Saraswati Puja

Basant Panchami 2020: बसंत पंचमी पर्व का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस ख़ास दिन विद्या की देवी माँ सरस्वती जी की पूजा और आराधना की जाती है। बसंत पंचमी प्रत्येक वर्ष हिंदू पंचांग के अनुसार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाई जाती है। बसंत पंचमी पर्व का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस ख़ास दिन विद्या की देवी माँ सरस्वती जी की पूजा और आराधना की जाती है। बसंत पंचमी प्रत्येक वर्ष हिंदू पंचांग के अनुसार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाई जाती है। इस वर्ष बसंत पंचमी दो दिन मनाई जाएगी।

 

Basant (Vasant) Panchami 2020 Date And Time:

माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी इस साल दो दिन पड़ रही है। इस हिसाब से बसंत पंचमी 29 और 30 जनवरी 2020 को मनाई जाएगी। भक्त इन दोनों ही दिन माँ सरस्वती जी की पूजा-आराधना कर सकते हैं।बसंत पंचमी पर पूरा दिन शुभ होता है। इस दिन मां सरस्वती के साथ-साथ भगवान विष्णु की भी पूजा की जाती है। हिंदू पंचांग के मुताबिक इस बार बसंत पंचमी बुधवार 29 जनवरी को सुबह 10: 45 बजे से शुरू होगी और गुरुवार अगले दिन यानी 30 जनवरी 2020 दोपहर 1:15 बजे तक रहेगी। वहीं कुछ ज्योतिष के मुताबिक 29 जनवरी को ही बसंत पंचमी का दिन पूजा की दृष्टि से ज्यादा शुभ रहेगा।

 

बसंत पंचमी पर्व तिथि मुहूर्त 2020 (Basant Panchami Subh Muhurat 2020)

29 जनवरी

बसंत पंचमी - 29 जनवरी 2020

पूजा मुहूर्त - 10:45 से 12:35 बजे तक

पंचमी तिथि का आरंभ - 10:45 बजे से (29 जनवरी 2020)

पंचमी तिथि समाप्त - 13:18 बजे (30 जनवरी 2020) तक

 

सरस्वती पूजा की विधि: बसंत पंचमी के दिन माँ सरस्वती की पूजा करने के लिए सबसे पहले एक साफ़  पीले कपडे के ऊपर सरस्वती देवी की प्रतिमा रखे| उसके बाद कलश स्तापित कर सबसे पहले भगवन गणेश की पूजा करें|  सरस्वती माता की पूजा करते समय सबसे पहले उन्हें आमचन और स्नान कराये उसके बाद सरस्वती माता की प्रतिमा को सफ़ेद या पीले रंग के फूल अर्पित कर उनका पूरा श्रंगार और उनके चरणों में गुलाल अर्पित करे | प्रसाद के रूप में पीले फल और बूँदी भी चढाई जाती है | सरस्वती माता की पूजा करते समय आप पुस्तके और वाद्यंत्रों का भी पूजन भी करे| सरस्वती पूजा के लिए सबसे उच्च मंत्र सरस्वती "श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा" है|

 

बसंत पंचमी का महत्व (Importance of Basant Panchami Puja)

हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार बसंत पंचमी का विशेष महत्व है। इस दिन मां सरस्वती की ख़ास पूजा, आराधना की जाती है। इस दिन स्कूल और कॉलेज में भी माँ सरस्वती की पूजा की जाती है। इस दिन पीले वस्त्र पहनने और दान करने का काफी महत्व है। सरस्वती जी को बुद्धि यानी ज्ञान की देवी माना जाता है। घर और मंदिर से लेकर स्कूल और कॉलेजों में बसंत पंचमी का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है।

 

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